Friday, 17 November 2017

Gopal समोसा वाला-an entrepreneur

एक बडी कंपनी के गेट के सामने एक प्रसिद्ध समोसे की दुकान थी, लंच टाइम मे अक्सर कंपनी के कर्मचारी वहाँ आकर समोसे खाया करते थे।

एक दिन कंपनी के एक मैनेजर समोसे खाते खाते समोसेवाले से मजाक के मूड मे आ गये।

मैनेजर साहब ने समोसेवाले से कहा, "यार गोपाल, तुम्हारी दुकान तुमने बहुत अच्छे से maintain की है, लेकिन क्या तुम्हे नही लगता के तुम अपना समय और टैलेंट समोसे बेचकर बर्बाद कर रहे हो.? सोचो अगर तुम मेरी तरह इस कंपनी मे काम कर रहे होते तो आज कहा होते.. हो सकता है शायद तुम भी आज मैंनेजर होते मेरी तरह.."

इस बात पर समोसेवाले गोपाल ने बडा सोचा, और बोला, " सर ये मेरा काम अापके काम से कही बेहतर है, 10 साल पहले जब मै टोकरी मे समोसे बेचता था तभी आपकी जाॅब लगी थी, तब मै महीना हजार रुपये कमाता था और आपकी पगार थी 20 हजार।

इन 10 सालो मे हम दोनो ने खूब मेहनत की..
आप सुपरवाइजर से मॅनेजर बन गये.
और मै टोकरी से इस प्रसिद्ध दुकान तक पहुँच गया.
आज आप महीना 40,000 कमाते है
और मै महीना 2,00,000

लेकिन इस बात के लिए मै मेरे काम को आपके काम से बेहतर नही कह रहा हूँ।

ये तो मै बच्चों के कारण कह रहा हूँ।

जरा सोचिए सर मैने तो बहुत कम कमाई पर धंधा शुरू किया था, मगर मेरे बेटे को यह सब नही झेलना पडेगा।

मेरी दुकान मेरे बेटे को मिलेगी, मैने जिंदगी मे जो मेहनत की है, वो उसका लाभ मेरे बच्चे उठाएंगे। जबकी आपकी जिंदगी भर की मेहनत का लाभ आपके मालिक के बच्चे उठाएंगे।

अब आपके बेटे को आप डाइरेक्टली अपनी पोस्ट पर तो नही बिठा सकते ना.. उसे भी आपकी ही तरह जीरो से शुरूआत करनी पडेगी.. और अपने कार्यकाल के अंत मे वही पहुच जाएगा जहाँ अभी आप हो।

जबकी मेरा बेटा बिजनेस को यहा से और आगे ले जाएगा..
और अपने कार्यकाल मे हम सबसे बहुत आगे निकल जाएगा..

अब आप ही बताइये किसका समय और टैलेंट बर्बाद हो रहा है ?"

मैनेजर साहब ने समोसेवाले को 2 समोसे के 20 रुपये दिये और बिना कुछ बोले वहाँ से खिसक लिये.......


Thursday, 16 November 2017

the great Parle-G


जब हम छोटे थे तो सुबह चाय के साथ पारले जी बिस्किट खाया करते थे, और अपना पेट भर लिया करते थे, रोते थे तो हमारे पेरेंट्स बिस्किट का पैकेट दिलाते के लाते हैं और हम चुप हो जाते थे, या फिर कहीं सफर जाते हेैं तो स्टैण्ड पर चाय के साथ बिस्टिक का पैकेट लेते हैेंं और फिर उसे खाने के बाद ही सुकुन आता था।
आजकल बाजार में कई ब्रांड और स्वाद के बिस्किट मौजूद हैं और लोगों को पसंद भी हैं, लेकिन पार्ले-जी बिस्किट बहुत से लोगों को आज भी पसंद है ! हमारा टेस्ट चाहे बदल जाये लेकिन पार्ले-जी बिस्किट नहीं बदला !पर क्या आपने कभी एसा सोचा है की ये पैकेट पर किसकी फोटो लगी है, ये लड़की कौन है, आपको कभी भी ये ख्याल आया है की पार्ले-जी जबसे मार्किट में आई है तब से एक ही लड़की की फोटो लगी रही है !ये कोई और नहीं नीरू देशपांडे हैं नागपुर से. जब यें 4 साल किं थी तो इनके पापा ने इनकी एक तस्वीर खींची थी इनके पापा कोई फोटोग्राफर नहीं थे पर इन्होंने एक सुन्दर तस्वीर खींची थी जिसे पारले जी कंपनी ने अपने पैकेट के लिए चुना था  !अभी नीरू देशपांडे 65 वर्ष की हो गयी है और वे अभी महाराष्ट्र में रहती है ! किसी विज्ञापन में पहली बार ऐसा हुआ है की किसी बाल कलाकार की 60 सालो से एक ही तस्वीर लगी हुई है !कितने सालों बाद भी हम आजकल पारले जी बिस्कुट का आनंद लेते हैं। यह बिस्कुट का ब्रांड 60 के दशक का है और आज भी यह ब्रांड इंडिया का लोकप्रिय ब्रांड है

प्रधानमंत्री मोदी जी का आह्वान-सकारात्मक ऊर्जा का संदेश(05/04/2020)

वर्तमान में इस महामारी (कोरोना) से  पूरा विश्व परेशान है.  चिकित्सक और वैज्ञानिक निरंतर शोध कार्यों में व्यस्त हैं,फिर भी इससे बचाव के...